कोरोना जांच फर्जीवाड़े में एसआईटी ने की पहली गिरफ्रतारी,आरोपी को भेजा जेल

 हरिद्वार। कुंभ मेला 2021 में के दौरान कोरोना टेस्टिंग के नाम पर हुए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के मामले में गुरूवार को पहली गिरफ्तारी हुई है। कोविड जांच घपले में जांच के  लिए गठित एसआईटी ने आशीष बशिष्ठ नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करके जेल भेजा है। एसआईटी द्वारा गिरफ्तार किए गए आशीष बशिष्ठ ने मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज और नलवा लैब्स और डॉ लालचंदानी लैब्स के लिए मीडियेटर के रूप में रहकर सभी कार्य हरिद्वार में रहकर किये है। आशीष ने डाटा कलेक्ट करने और इंट्री करने समेत सभी कार्य किये है और इनकी ओर से 4 करोड़ के बिल भी लगाए गए जिसमे से 15 लाख रुपये के भुगतान भी हो चुका है। गिरफ्तार आरोपी नलवा लैब के लिये काम करता था, आरोपी आशीष नलवा लैब को टेस्टिंग के लिए मेन पावर और अन्य सामान उपलब्ध कराए थे। आरोपी आशीष कोरोना जांच के डाटा फीडिंग का काम भी देखता था। कुम्भ मेले के दौरान कोरोना जांच करने का काम मेला प्रशासन ने मैक्स कॉरपोरेट सर्विस को दिया गया था। उस कंपनी ने आगे अन्य दो कंपनी नलवा लैब और दिल्ली के डॉ लाल चंदानी लैब को दे दिया था। दोनों ही कंपनियों ने एक लाख से ज्यादा कोरोना की जांच की थी। एसआईटी द्वारा जांच कर दौरान आईपीसी की धारा 467को बढ़ाया गया था जिसके तहत यह गिरफ्तारी की गयी है।  हालांकि पुलिस ने अभी तो इसको कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया है मगर पुलिस द्वारा इसकी रिमांड लेने का भी प्रयास किया जा रहा है। एसएसपी की माने तो यह गंभीर मामला है और जांच में जैसे जैसे प्रगति होगी तो अभी और भी गिरफ्तारियों हो सकती है। बताते चले कि हाईकोर्ट के आदेश पर कुम्भ के दौरान कुम्भ मेला स्वास्थ्य प्रशासन की ओर से कुंभ मेला 2021 में कोरोना जांच के लिए 11 लैब्स को द्वारा इनपैनल्ड किया था, जिसमें मैक्स कॉरपोरेट सेविसेज और इसके अंतर्गत नलवा लैब्स और डॉ लालचंदानी लैब्स को भी इंपैनल्ड किया गया था जिन्होंने रेपिड एंटीजन कोरोना जांच किये बिना ही करीब एक लाख नंबरों को फर्जी तरीके से ऑनलाइन पोर्टल पर चढ़ाया था। जिसकी शिकायत होने पर जिलाधिकारी सी रविशंकर के निर्देश पर सीडीओ की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय कमेटी द्वारा जांच शुरू करवाई गयी थी और प्रारंभिक जांच में फर्जीवाडा मिलने पर डीएम के निर्देश पर सीएमओ द्वारा हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया गया था और एसएसपी द्वारा एसआईटी गठित कर जांच शुरू की गई थी ,जांच ले दौरान इसमे आईपीसी की धारा 467 को भी बढ़ाया गया था। इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस का कहना है कि कोविड-19 रैपिड एंटीजन टेस्ट में हुए फर्जीवाड़े के संबंध में नगर कोतवाली में जो मुकदमा कायम हुआ था उसकी इन्वेस्टिगेशन एसआईटी द्वारा की जा रही है, उसमें एसआईटी ने धारा 467 आईपीसी को बढ़ाया है। इसमें एसआईटी ने एक अभियुक्त आशीष वशिष्ठ निवासी भिवानी हरियाणा है को गिरफ्तार किया है।            गिरफ्रतार आरोपी की भूमिका यह रही है कि यह मैक्स और दोनों लैब्स के बीच में मीडियेटर के रूप में रहकर सारे काम इन दोनों की ओर से हरिद्वार में रहते हुए किए हैं। इन्होंने सैंपल कलेक्शन का डाटा कलेक्ट करना उसकी एट्री करना और सारे कार्य उनके द्वारा इसके द्वारा किए गए हैं। उस आरोप मैं इसको गिरफ्तार करके हमने जेल भेजा है। इसको कोर्ट में पेश किया गया है और जेल भेज रहे है। बताया कि लगभग चार करोड़ के लगभग का बिल इन्होंने जमा किया है इसमें 15 लाख का पेमेंट भी हो चुका है। उस संबंधित कोर्ट को भी जानकारी दे दी है। एसआईटी आगे की कार्रवाई कर रही हैं, एसएसपी के अनुसार अभी हम इस को रिमांड पर लेने की कोशिश कर रहे हैं। एसएसपी ने कहा कि भविष्य में और गिरफ्तारी होने को लेकर एसएसपी का कहना है कि यह अत्यंत गंभीर मामला है इसमें पूछताछ लगातार कर रहे हैं और हमारी एसआईटी लगातार अच्छा कार्य कर रही है अभी जैसी प्रगति होगी और आगे भी गिरफ्तारी करेंगे ।