मां चण्डी देवी की आराधना करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है-महंत रोहित गिरी

 हरिद्वार। मां चंडी देवी मंदिर परमार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित गिरी महाराज ने कहा है कि अनादि काल से मां चंडी देवी की आराधना भक्तों को शत्रु, भय और कष्टों से मुक्ति प्रदान करने वाली तथा प्रत्येक प्रकार की मनोकामना पूर्ण कर अष्ट सिद्धि प्रदान करने वाली है। मां भगवती की शरण में जो श्रद्धालु भक्त आ जाता है। उसका कल्याण अवश्य ही निश्चित है। नील पर्वत स्थित मां चंडी देवी मंदिर के प्रांगण में तीसरे नवरात्र पर श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए महंत रोहित गिरी महाराज ने कहा कि महालक्ष्मी, मां सरस्वती एवं महाकाली का संयुक्त रूप मां चंडी देवी है। जिन की आराधना का नवरात्रों में विशेष महत्व है। श्रद्धा पूर्वक की गई मां भगवती की आराधना सहस्र गुना पुण्य फलदायी होती है। नवरात्रों में की गई देवी मां की विशेष आराधना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है और दुख दरिद्रता दूर होती है। महंत रोहित गिरी महाराज ने कहा कि व्यक्ति को समय निकाल कर अवश्य मां की आराधना करनी चाहिए। इससे घर में सुसंस्कारों का संचार होता है। साथ ही वातावरण भी भक्तिमय हो जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संपूर्ण जगत कोरोना महामारी से त्रस्त है। ऐसे में मां की कृपा से ही भयमुक्त होकर किसी भी बीमारी से लड़ा जा सकता है। मां की भक्ति में वह शक्ति है जो व्यक्ति की दुश्वारियों को नष्ट कर सुख समृद्धि एवं बल बुद्धि प्रदान करती है। देवभूमि उत्तराखंड में देवी मां का सानिध्य सौभाग्यशाली व्यक्ति को प्राप्त होता है और श्रद्धा पूर्वक मां भगवती की पूजा करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण करने वाली मां चंडी देवी बहुत ही कृपालु एवं दयालु हैं। पूरे विश्व को धर्म के माध्यम से सकारात्मक संदेश प्राप्त हो रहा है। हम सभी को भी अपने बच्चों को संस्कारवान बनाकर उन्हें शिक्षित करने की आवश्यकता है। साथ ही धर्म से जुड़े ज्ञान को भी बच्चों तक पहुंचाना अति आवश्यक है। ताकि वे अपनी धर्म एवं संस्कृति को भली-भांति जान सकें। धर्म एवं संस्कृति का मार्ग ही देश को उन्नति की ओर अग्रसर कर सकता है।