जनसंख्या नियंत्रण कानून किसी समुदाय के खिलाफ नही,बल्कि देश की जरूरत-मदन कौशिक

 हरिद्वार। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि देश में बढ़ती जनसंख्या के मद्देनजर इसे नियंत्रित करने के कानून की मांग समय-समय पर उठती रही है। यह कानून किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं है बल्कि यह देश की जरूरत है। यह बातें कौशिक ने राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण समिति एवं भारत विकास परिषद मंदाकिनी शाखा द्वारा जनसंख्या की समस्या विषय पर आयोजित वेबिनार में कहीं। कौशिक ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण पर पहले भारत में चर्चा भी नहीं की गई। जनसंख्या नियंत्रण कानून आने से पहले पलायन करके तथा बंटवारे के बाद आए लोगों से भारत में जनसंख्या की बढ़ोतरी हुई। देश में संचालित सभी संस्थाओं को इसमें पहल करनी चाहिए। स्कूल और कालेजों में इस विषय पर डिबेट कराकर जागरूकता अभियान चलाया जाना आवश्यक है। जिससे आने वाली पीढ़ी जागरूक हो सके। मुख्य वक्ता गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रूपकिशोर शास्त्री ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या समाज और राष्ट्र दोनों के लिए एक विस्फोटक स्थिति है। जो उत्तर प्रदेश सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून को सख्ती से लागू कर रही है, यह सभी वर्गों के हित में है। पीजी कॉलेज अमरोहा के प्रो. अशोक कुमार आर्य ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के समय जनसंख्या 33 करोड़ थी। अब यह 145 करोड़ होने जा रही है। कम आयु में विवाह, निम्न साक्षरता, परिवार नियोजन के प्रति विमुखता, गरीबी और जनसंख्या विरोधाभास आदि ने जनसंख्या बढ़ाने में योगदान किया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन आर्य ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए महिलाओं का शैक्षिक स्तर और जागरूकता बढ़ाने की कोशिश करनी होगी। भारत विकास परिषद मंदाकिनी शाखा के अध्यक्ष राजीव राय ने कहा कि लोगों को आबादी नियंत्रित करने के महत्व को समझना चाहिए। डॉ. सपना बंसल, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा कि भारत में कानून का सहारा लेने के बजाय जागरूकता अभियान, शिक्षा के स्तर को बढ़ाकर तथा गरीबी को समाप्त करने जैसे उपाय करके जनसंख्या नियंत्रण के लिये प्रयास करने चाहिए। वेबिनार में जगदीश लाल पाहवा, तोष जैन, एसआर गुप्ता, डॉ शिवि अग्रवाल, डॉ त्रिलोक माथुर, नानक चंद्र गोयल, अनिल कंसल, शोभा शर्मा, शांति स्वरूप गुप्ता, अर्चना सिंघल, अन्नपूर्णा बंधुनी, कुलदीप, जितेंद्र कुमार शर्मा, हेमंत सिंह नेगी, रेखा नेगी, नूपुर पाल, प्रीति जोशी, नीलम रावत, डॉ पंकज कौशिक, विमल गर्ग, प्रवीण अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।