असम के मुख्यमंत्री द्वारा गौरक्षा कानून लाने का संतो ने किया स्वागत

 हरिद्वार। निर्जला एकादशी के पर्व पर बैरागी कैंप के निर्मोही अखाड़े में पुरी शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ महाराज के सानिध्य और निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र राजेंद्र दास के देखरेख में संत सम्मेलन किया गया। सम्मेलन में संतो ने विभिन्न विषयों पर बात करते हुए आसाम के मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। जिन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में गौ रक्षा और जनसंख्या कानून नियंत्रण लाने की बात कही है। सोमवार को निर्जला एकादशी के पर्व पर हरिद्वार के बैरागी कैंप में श्री निर्मोही अणी अखाड़े में संत सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस संत सम्मेलन की अध्यक्षता पुरी शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देव जी महाराज द्वारा की गई तथा संचालन निर्मोही अणी अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास द्वारा किया गया। संत सम्मेलन में संतो ने विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए आसाम के मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर पुरी शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद महाराज ने कहा कि आसाम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा द्वारा पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद प्रदेश में गोरक्षा और जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की बात कही है जो बहुत ही सराहनीय पहल है, उन्होंने कहा कि ऐसे मुख्यमंत्री का आना पूर्वोत्तर राज्य में सूर्य उदय के समान है उन्होंने कहा की इस कानून से आसाम के रास्ते बांग्लादेश होने वाली गौ तस्करी रुकेगी। इस संत सम्मेलन के माध्यम से सभी संत मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा को अपना आशीर्वाद दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दूसरा बड़ा कार्य जनसंख्या नियंत्रण पर कानून लाने की बात कहा जाना है जहां उन्होंने कहा है कि वह जल्द ही विधेयक लाकर इस तरह का कानून बनाने जा रहे हैं जो बहुत ही स्वागत योग्य है। निर्मोही अणी अखाड़े के अध्यक्ष राजेंद्र दास ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में देश राम राज्य की ओर जा रहा है ऐसे में आसाम के मुख्यमंत्री द्वारा हिंदू सनातन धर्म संस्कृति की रक्षा करने वाले फैसले लिए जाने का सभी साधु संत धन्यवाद ज्ञापित करते हैं और उनका धन्यवाद भी रहते हैं जो वह इस तरह के कानून ला रहे हैं। संत सम्मेलन में श्री महंत राजेंद्र दास,महंत रघुबीर दास, श्री महंत राम जी दास, महंत देवा नाथ दास, महंत बिहारी शरण, महंत संत दास, महंत रामदास, महंत गोविंद दास, अंकित शरण, देवा दास, राहुल शास्त्री, आचार्य अमित, बाबा लंकेश खाखी आदि संत सम्मिलित हुए।