जिला उपभोक्ता फोरम ने दिए हुंडई कम्पनी को उपभोक्ता को दस लाख देने के आदेश

 हरिद्वार। जिला उपभोक्ता आयोग ने वाहन निर्माता कंपनी हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड व उसके स्थानीय कर्मचारियों को एक माह की अवधि में वाहन देने की एवज में ली गई धनराशि सात लाख 30 हजार छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से तथा क्षतिपूर्ति के रूप में दो लाख रूपये व शिकायत खर्च और अधिवक्ता फीस के रूप में पचास हजार रुपये शिकायतकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता,सेक्टर दो बीएचईएल रानीपुर निवासी सुशील कुमार ने वाहन निर्माता कंपनी हुंडई मोटर्स इंडिया लिमिटेड नई दिल्ली व स्थानीय एजेंसी डीपीएम हुंडई रानीपुर झाल बहादराबाद, दीपक कुमार सेल्स मैनेजर, कपिल त्यागि सेल्स कंसल्टेंट के खिलाफ आयोग में एक शिकायत दायर की थी। जिसमें बताया था कि शिकायतकर्ता ने 18 दिसम्बर 2019 को स्थानीय एजेंसी पर 11 हजार रुपये देकर आई 20 कार बुक कराई थी। शिकायतकर्ता को छह दिन के बाद उक्त कार की डिलीवरी लेनी थी। जिसपर शिकायतकर्ता को आश्वासन देकर उससे ढाई लाख रुपये ओर ले लिए थे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने तय अवधि पर कार की डिलीवरी देने की बात कही। तो एजेंसी कर्मचारियों ने उससे तीन लाख रुपये ओर मांग लिए थे। फिर भी निर्धारित समय पर शिकायतकर्ता को कार की डिलीवरी नही दी थी। जबकि शिकायतकर्ता से सात लाख 30 हजार रुपये एडवांस प्राप्त कर लिए थे। जबकि हुंडई कंपनी की ओर से बताया गया कि इस मामले में सुशील कुमार द्वारा गलत रूप से फॉर्म के समक्ष शिकायत दायर की है जो कि हर सूरत में निरस्त होने योग्य है। दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए शिकायत पर सुनवाई करने के बाद आयोग अध्यक्ष कंवर सेन तथा सदस्यों अंजना चड्ढा विपिन कुमार ने हुंडई मोटर इंडिया कंपनी एवं उसके स्थानीय कर्मचारियों को उपभोक्ता सेवा में लापरवाही बरतने कंपनी को डिफॉल्टर माना और 1000000 रुपए देने का आदेश दिया है।