पुलिसबल की मौजूदगी में जेसीबी से तीन मन्दिरों को किया गया ध्वस्त

 

हरिद्वार। कुम्भ मेला 2021 के समापन के साथ ही प्रशासन ने कनखल के बैरागी कैंप क्षेत्र से सिचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए तीन मंदिरों को अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने ध्वस्त कर दिया, हालांकि मंदिरों में स्थापित मूर्तियों को कार्रवाई शुरू होने से पूर्व ही हटाया जा चुका था। कार्रवाई के दौरान आमजन की भीड़ जुटी रही। इधर, विरोध के मद्देनजर पीएसी एवं पुलिस फोर्स मुस्तैद रही, लेकिन कार्रवाई का विरोध नहीं हुआ। उत्तराखंड हाईकोर्ट, नैनीताल ने जिले में सरकारी भूमि पर बने कई मंदिरों को हटाने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश की जद में कनखल के बैरागी कैंप में बने संन्यासी एवं बैरागी अखाड़ों के मंदिर भी आ गए थे, लेकिन कुंभ होने के चलते अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद श्रीमहंत हरिगिरि ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने 30 मई तक अतिक्रमण को ध्वस्त कर देने की मोहलत दे दी थी। इधर, कुंभ खत्म होने के बाद जिला एवं कुंभ मेला प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराया था इसलिए पिछले दिनों बैरागी अखाड़े दिगंबर की ओर से बनाए गए एक हनुमान मंदिर को ढहा दिया था, तब प्रशासन और पुलिस फोर्स को विरोध का सामाना करना पड़ा था। बैरागी संत भी धरने पर बैठ गए थे। इधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए संतों ने बैरागी संतों के साथ जिला प्रशासन एवं पुलिस महकमे के अधिकारियों के साथ वार्ता की थी, तब तय हुआ था कि मंदिरों से मूर्तियां हटा ली जाएंगी। उसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर ली जाए। रविवार को यह बात तय होने पर सोमवार को कार्रवाई होनी थी। सोमवार को उपमेलाधिकारी अंशुल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह, कनखल निरीक्षक कमल कुमार लुंठी, एसओ सिडकुल लखपत सिंह बुटोला की अगुवाई में अतिक्रमण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरु हुई। सबसे पहले पीले पंजे से निरंजनी अखाड़े के गंगेश्वर महादेव मंदिर के बाद अखिल भारतीय पंच निर्मोही अणि अखाड़े के हनुमान मंदिर को ध्वस्त किया गया। यहां के बाद अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अणि अखाड़े के प्राचीन हनुमान मंदिर के अतिक्रमण को भी हटाया गया। इधर, दिगंबर अखाड़े के मंदिर को पूर्व में ही हटाया जा चुका है। देर शाम तक यह कार्रवाई चलती रही। बताते चले कि बैरागी कैम्प में वैष्णव संप्रदाय के तीनों अखाड़ों निर्मोही, दिगम्बर और निर्वाणी अनी अखाड़े के संतों ने जिला प्रशासन के खिलाफ बीते दिन धरना प्रदर्शन किया गया था दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कुम्भ मेला क्षेत्र में कुम्भ 2021 के दौरान हुए अतिक्रमण पर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की गई थी। बने हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया था उसी कार्रवाई के चलते जिसमें आज बैरागी कैंप में बने तीनों मंदिरों को भी जिला प्रशासन ने पुलिस बल के साथ ध्वस्त किया। इस मौके पर निर्वाणी अनी अखाड़े के सुखदेव दास महाराज ने कहा प्रशासन द्वारा अतिक्रमण में जो मंदिर हटाये जा रहे वह बढ़ा ही निंदनीय है। सुखदेव महाराज ने कहा कि वैसे तो भारत में हिंदूवादी पार्टी भारतीय जनता पार्टी है कुंभ के दौरान उत्तराखंड सरकार ने हमको पैसा दिया था अपने निर्माणों के लिए और आज वही निर्माणों को तोड़ दिया गया है लेकिन मंदिर तोड़ना यह हिंदू धर्म के लिए बहुत बड़ी शर्म की बात है हिंदूवादी पार्टी होते हुए मंदिरों को तोड़ा जा रहा है ऐसा तो मुगलों के शासन में हुआ करता था। जैसे आज भारतीय जनता पार्टी के शासन में हो रहा है मैं भारत सरकार के गृहमत्री प्रधानमंत्री उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से में हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं की मंदिर मठ तोड़ना सरकार बंद कर दे नहीं तो आने वाले चुनाव में इसको खामियाज भारतीय जनता पार्टी को भुगतना पड़ेगा।