कोरोना महामारी की समाप्ति हेतु भगवान शिव का अभिषेक किया गया और विश्व कल्याण की कामना की

 हरिद्वार। श्री साधु गरीबदासीय सेवा आश्रम ट्रस्ट में कोरोना महामारी की समाप्ति हेतु भगवान शिव का अभिषेक किया गया और विश्व कल्याण की कामना की गई। इस दौरान श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन की फेरूपुर शाखा के कारोबारी महंत निर्मल दास महाराज ने कहा कि देवों के देव महादेव भगवान शिव सृष्टि के सर्वशक्तिमान देव है जो अपने भक्तों का संरक्षण कर उन्हें दीर्घायु प्रदान करते हैं। वर्तमान में पूरा विश्व कोरोना महामारी से त्रस्त है। ऐसे में धार्मिक अनुष्ठान एवं पूजा अर्चना ही व्यक्ति को इस महामारी से निजात दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा और पतित पावनी मां गंगा के आशीर्वाद से कोरोना महामारी जल्द ही संपूर्ण विश्व से समाप्त होगी और पूरे विश्व में खुशहाली लौटेगी। युवा भारत साधु समाज के महामंत्री स्वामी रवि देव शास्त्री महाराज ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों से देश में नई ऊर्जा का संचार होता है। विश्व कल्याण के लिए किया गया अनुष्ठान अवश्य ही देश हित में साबित होगा। भगवान भोलेनाथ प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में विराजमान है और सूक्ष्म आराधना से ही प्रसन्न होकर व्यक्ति को मनवांछित फल प्रदान करने वाले हैं। सच्चे मन से की गई भगवान शिव की आराधना सुख समृद्धि प्रदान करती है। कोरोना काल में भगवान शिव की अनुकंपा जिस व्यक्ति पर हो जाए उसके समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से छेड़छाड़ और विज्ञान का अत्याधुनिक प्रयोग प्राकृतिक आपदाओं को निमंत्रण देता है। विश्व भर के संपूर्ण लोगों को प्रकृति का सम्मान करते हुए पेड़ पौधे अवश्य लगाने चाहिए, जो हमें प्राणवायु ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। स्वामी हरिहरानंद महाराज ने कहा कि कोरोना समाप्ति एवं विश्व कल्याण के लिए आयोजित किया गया भगवान शिव का अभिषेक हर कष्ट से समस्त भारतवासियों की रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति को अपने भविष्य के बारे में सोचते हुए प्राकृतिक संसाधनों से छेड़छाड़ करना बंद करना चाहिए और अधिक से अधिक मात्रा में पेड़ पौधे लगाने चाहिए। आज पूरा विश्व ऑक्सीजन की कमी के कारण भारी संकट से जूझ रहा है। इसको देखते हुए केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों को वृद्ध स्तर पर पौधारोपण के लिए सभी को जागरूक करना चाहिए। प्रकृति मनुष्य के लिए अमूल्य वरदान है। जिस का संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। जल एवं वायु की रक्षा मे ही प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा निहित है। इसलिए समय रहते सभी को प्राकृतिक संरक्षण में अधिक से अधिक योगदान देना चाहिए। इस दौरान महंत दिनेशदास, डा.पदम प्रसाद सुवेदी, महंत श्रवण मुनि, महंत सुतीक्षण मुनि, समाजसेवी संजय वर्मा उपस्थित रहे।