संप्रदाय से बाहर के संत को गद्दी पर बैठाना परंपरांओं के विरूद्ध-राजकमल दास

 हरिद्वार। वैष्णव दिगम्बर अखाड़ा के चर्तु सम्प्रदाय में गद्दी स्थान को लेकर ब्रह्मलीन योगीराज बर्फानी दादा के शिष्य ने षड्यंत्र का आरोप लगाया है। योगीराज बर्फानी दादा के शिष्य राजकमल दास ने बताया कि चर्तु संप्रदाय में 4 महंत है। जिनमें योगीराज बर्फानी दादा, फूलडोल बाबा, काठीया वाले बाबा, राम लखन दास। इन चारों में से दो संत ब्रम्हलीन हो चुके हैं। जिनमें योगीराज बर्फानी संप्रदाय के अध्यक्ष तथा रामलखन दास उपाध्यक्ष के पद पर विराजमान थे। अखाड़ा परंपरा के अनुसार किसी संत के ब्रम्हलीन होने पर उनकी गद्दी उनके उत्तराधिकारी को दी जाती है। योगीराज बर्फानी दादा के शिष्य राजकमल दास ने आरोप लगाते हुए बताया कि दिगंबर अखाड़े के चर्तु संप्रदाय की ओर से योगीराज बर्फानी बाबा के लिए गद्दी लगाने का स्थान नहीं दिया गया। जब संबंध में बात की गई तो उनके साथ दुर्व्यवहर किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिगंबर अखाड़े के श्रीमहंत कृष्णदास नगरिया महाराज द्वारा दिनेश दास को ब्रह्मलीन योगीराज बर्फानी दादाजी के स्थान पर गद्दी पर नियुक्त किया गया है। जबकि वे इस संप्रदाय के सदस्य भी नहीं है। ऐसा करना अखाड़े की पंरपरा के विरूद्ध है। उन्होंने कहा कि कि वह दिगंबर अनी अखाड़ा के श्रीमहंत कृष्णदास नगरीय से भी मिले थे। लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी तो उन्होंने निर्वाणी अनी अखाड़ा और निर्मोही अनी अखाड़ा के श्रीमहतों से गुहार लगाई। राजकमल दास ने कहा कि ऐसे संत को ब्रह्मलीन योगीराज बर्फानी दादा के स्थान पर गद्दी पर नियुक्त कर दिया गया है। जिसका न तो संप्रदाय से और ना ही ब्रह्मलीन योगीराज बर्फानी दादा से कोई संबंध है।