बाजार बंदी का निर्णय व्यापारियों के लिए नुकसानदायक-नीरज सिंघल

 हरिद्वार। प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल के जिला अध्यक्ष डा.नीरज सिंघल ने राज्य सरकार द्वारा बाजार खुलने व बंद करने के समय पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि राज्य की सरकार व्यापारियों से समन्वय स्थापित नहीं कर रही है। व्यापारियों को व्यापार में भारी हानि झेलनी पड़ रही है। कुंभ पूरी तरह से व्यापारियों के लिए विफल हो चुका है। उन्हांेंने कहा कि राज्य सरकार को व्यापरियों के हितों को देखते हुए सवेरे दस बजे से शाम के पंाच बजे तक दुकानें खोलने की अनुमति प्रदान करनी चाहिए थी। काफी अर्से से हरिद्वार का व्यापारी कोरोना के चलते मंदी की मार झेल रहा है। सरकार द्वारा अब तक कोई भी राहत पैकेज व्यापारियों के लिए नहीं दिया गया है। व्यापारी लाॅकडाउन में बैंकों का कर्जदार हो गया है। व्यापारियों पर बैंको के लोन की अदायगी नहीं की जा रही है। व्यापारी मानसिक परेशानियों से जूझ रहा है। नीरज सिंघल ने कहा कि कई तरह के टैक्स व्यापारी झेल रहा है। स्कूल फीस, बिजली, पानी के बिल आज तक माफ नहीं किए गए हैं। सरकार द्वारा व्यापारियों को राहत ना दिया जाना सरकार की लचर प्रणाली को दर्शाता है। लाॅकडाउन में हरिद्वार के व्यापारियों का व्यापार चैपट हो चुका है। कुंभ व अन्य पर्व व्यापारियों के लिए किसी भी प्रकार की कोई राहत नहीं दे पाए हैं। नीरज सिंघल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि लाॅकडाउन अंतिम विकल्प हैं। लेकिन राज्य में साप्ताहिक क्रफ्यू, बाजार बंदी जैसे निर्णय तुरंत लिए जा रहे हैंे। उन्होंने कहा कि राज्य व केंद्र में समन्वय नहीं है। जिस कारण व्यापारियों को अनेकों परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम में व्यापारी भी निर्णायक भूमिका निभाते चले आ रहे हैं।