माॅक ड्रिल के जरिए प्रशासन ने कुम्भ मेले में आपदा की तैयारियों को परखा

 हरिद्वार। मेला प्रशासन एवं जिला प्रशासन द्वारा महाकुम्भ मेले के दौरान सम्भावित आपदाओं के मद्देनजर माॅक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिसमें अलग-अलग परिस्थितियों में आग लगना एवं बम बिस्फोट, गैस रिसाव जैसी संभावित घटनाओं का प्रदर्शन किया गया। कंट्रोल रूम से प्रसारित बैरागी कैंप क्षेत्र में आग लगने की सूचना पर तुरन्त ही बैरागी कैंप से स्टेजिंग एरिया के लिये टीम रवाना हुई। फायर टेण्डर, एसपीओ और एसएम मौके पर पहुंचे। उन्होंने त्वरित गति से आग बुझाने की कार्रवाई प्रारम्भ करते हुए आग पर काबू पाया तथा बचाव व राहत कार्य शुरू किए।  अग्नि काण्ड में घायल चार लोगों को चीला मार्ग से एम्स ऋषिकेश भिजवाया गया। बैरागी क्षेत्र में ही दो टेण्टों में आग लगने की सूचना प्राप्त पर तुरंत टीम मौके पर टीम पहुंची और समय रहते आग पर काबू किया। घायल हुए चार लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। मीडिया सेण्टर में आग लगने की सूचना पर लालजी वाला से फायर टेण्डर मीडिया सेण्टर पहुंचे तथा आग बुझाने की कार्रवाई शुरू करते हुए आग पर काबू पा लिया गया। घटना में घायल हुए चार लोगों में से दो को बेस हाॅस्पिटल तथा दो को नीलधारा अस्पताल पहुंचाया गया। मेला नियंत्रण भवन के निकट सोल क्षेत्र में बम बिस्फोट की सूचना बीडीएस टीम मौके पर पहुंची। इसके तुरन्त बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी सोल क्षेत्र पहुंची। संयुक्त टीमों ने कार्रवाई करते हुये बम बिस्फोट में घायल 10-15 लोगों में से आठ लोगों को पावन धाम स्थित बेस हाॅस्टिल पहुंचाया, जहां उनका तुरन्त उपचार प्रारम्भ हुआ। सभी शेष घायलों को भी बेस अस्पताल भिजवाने के साथ एनडीआरएफ टीम राहत व बचाव कार्यो में जुट गयी। सोल क्षेत्र में ही गैस रिसाव की सूचना पर कण्ट्रोल करने की कार्यवाही की गयी। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ, जिसका तुरन्त ही प्राथमिक उपचार किया गया। टीम ने तुरन्त कार्यवाही करते हुये गैस रिवाव पर काबू पाया। एनडीआरएफ की टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ जारी है। माॅक ड्रिल के दौरान मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी.रविशंकर, एनडीएमए के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल दत्ता, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला जन्मेजय खण्डूरी, अपर मेलाधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित मेला प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।