यज्ञ से निकलने वाला धुंआ जहां जहां अपना आवरण बनाता है। वहां का संपूर्ण वातावरण शुद्ध होकर भक्तिमय हो जाता

  

हरिद्वार। श्री ज्ञान गंगा गौशाला के अध्यक्ष महंत रामदास महाराज ने कहा है कि यज्ञ कर्मकांड की विधि है। जो परमात्मा द्वारा ही हृदय में संपन्न होती है। जीव के अपने सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, यज्ञ की पूर्णता है। बैरागी कैंप स्थित ज्ञान गंगा गौशाला में आयोजित कोरोना नाशक महायज्ञ के दौरान श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए महंत रामदास महाराज ने कहा कि वर्तमान में कोरोना महामारी से संपूर्ण विश्व त्रस्त है। इसलिए जागरूक रहकर सभी को अपना बचाव करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से निकलने वाला धुंआ जहां जहां अपना आवरण बनाता है। वहां का संपूर्ण वातावरण शुद्ध होकर भक्तिमय हो जाता है। पतित पावनी मां गंगा की असीम कृपा और कुंभ मेले के दौरान होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों से कोरोना महामारी का खात्मा होगा और विश्व में खुशहाली लौटेगी। महंत मनमोहन दास महाराज ने कहा कि यज्ञ का प्रमुख उद्देश्य धार्मिक प्रवृत्ति के लोगों को सत्य प्रयोजन के लिए संगठित करना भी है। परंतु कोरोना संक्रमण को बढ़ता देख सीमित मात्रा में सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का प्रयोग करते हुए यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कुंभ मेले में आने वाले सभी संत महापुरुष एवं श्रद्धालु भक्तों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण तेजी के साथ फैलते हुए विकराल रूप ले रहा है। इसीलिए कम से कम संख्या में हरिद्वार कुंभ मेले में आए और यदि संभव हो तो घर बैठे ही धार्मिक अनुष्ठान एवं संत दर्शन का लाभ लें। इस अवसर पर महंत राघवेंद्र दास, महंत दिनेश दास, उज्जैन श्री नाग छत्र ईश्वर महादेव मंदिर से आए आचार्य पंडित मनीष दुबे, पंडित गोपाल उपाध्याय, पंडित उदित जोशी, पंडित वैभव शुक्ला, पंडित तुषार शुक्ला, पंडित गौरव पंचोली, पंडित प्रखर इंदु आदि उपस्थित रहे।