पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने पुलिस व्यवस्था को लेकर अधिनस्थ अधिकारियों के साथ डिब्रीफिंग बैठक की

 

हरिद्वार। कुम्भ मेला के प्रथम शाही स्नान सकुशल सम्पन्न होने के बाद शनिवार को पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने पुलिस व्यवस्था को लेकर अधिनस्थ अधिकारियों के साथ डिब्रीफिंग बैठक की। मेला नियंत्रण भवन के सभागार में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, ने जोनल, सेक्टर और थाना प्रभारियों से क्रमवार उनका ड्यूटी के दौरान हुआ अनुभव और सुझाव जानने का क्रम शुरू किया। जोन, सेक्टर, थाना, शाखा के प्रभारियों से प्राप्त फीडबैक और डीजीपी के शाही स्नान के दौरान स्वयँ के द्वारा किये गए भृमण से प्राप्त जानकारियों और अनुभव के आधार पर उन्होने अधिकारियों को डिब्रीफ करना शुरू किया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मेले के दौरान ओवरऑल व्यवस्था अपेक्षाकृत काफी अच्छी रही, परन्तु कुछ जगहों पर नियुक्त पुलिसबल के द्वारा अपनी ड्यूटी को उतने अच्छे से नही किया गया जितना कि उनसे उम्मीद थी। इसका कारण यह रहा कि मेला पुलिस व्यवस्था के सम्बंध में जो ब्रीफिंग उच्च स्तर के पुलिस अधिकारियों के द्वारा की गई उसकी जानकारी क्षेत्र में ड्यूटी पर मौजूद आखिरी जवान तक नही पहुंचाई गई, जिसका परिणाम यह रहा कि कुछ जगहों पर ड्यूटी मेला पुलिस व्यवस्था के अनुसार नही दिखाई दी। इसलिए आगामी शाही स्नानों पर यह सुनिश्चित किया जाए कि मेला पुलिस व्यवस्था सम्बंधित जो भी ब्रीफिंग, आदेश, निर्देश उच्चाधिकारियों द्वारा दिये जाते हैं वो फील्ड में नियुक्त अंतिम पंक्ति के जवान तक अच्छे से पहुंच जाए और वो पूरी व्यवस्था को अच्छे से समझ कर अपनी ड्यूटी को अंजाम दे। यह सुनिश्चित करने का सम्पूर्ण दायित्व बीच की पंक्ति के अधिकारियों का होगा। पुलिस महानिदेशक ने गौरीशंकर, दूधियाबन, सप्तऋषि, शांतिकुंज सहित सभी पार्किंगों में आगामी शाही स्नानों से पहले-पहले प्रत्येक दशा में आवश्यक व्यवस्थाओं को मेला प्रशासन के माध्यम से ठीक कराने और पार्किंग में वाहनों को सिस्टम से खड़ा कराने के निर्देश दिए। ज्यादा बड़े जोन व सेक्टरों को विभाजित कर छोटे जोन और सेक्टर बनाने के निर्देश दिए और कहा कि सभी जोनल और सेक्टर प्रभारी मौके पर जाकर अपने क्षेत्र के पुलिस बल की डिटेल में ब्रीफिंग लगातार करते रहे,ं ताकि मेले तक क्षेत्र में नियुक्त पुलिस बल के दिमाग मे अपनी ड्यूटी को लेकर कोई कन्फ्यूजन न रहे। उन्होने कहा कि शाही स्नान के दौरान आने वाली अत्यधिक भीड़ के कारण मेला क्षेत्र में लगे मोबाइल के टावर ओवरलोड हो जाएंगे और मोबाइल के माध्यम से आपस मे सम्पर्क करने में मुश्किल आएंगी। इसलिए सभी जोनल, सेक्टर और शाखा प्रभारी अपनी-अपनी आवश्यकताओं के अनुसार वायरलेस सेट प्राप्त कर लें और वायरलेस सिस्टम के माध्यम से अधिक से अधिक सम्पर्क बनाने की आदत बना लें। ताकि मेले के दौरान आपस में सूचनाओं के आदान प्रदान में कोई दिक्कत न होने पाए। ऋषिकुल को अलग सेक्टर बनाने और आवश्यकता अनुसार ऋषिकुल में उपलब्ध स्थान का सदुपयोग करने। रोड़ी-बेलवाला सेक्टर में एक इंस्पेक्टर और देने और हरिद्वार में पूर्व में नियुक्त रहे ट्रैफिक इंस्पेक्टर को कुम्भ के दौरान नियुक्त करने को कहा। पैदल यातायात और घाट व्यवस्था के सम्बंध में निर्देश देते हुए कहा कि हर की पैड़ी के आस-पास जितने भी होल्डअपस (चक्रव्यूह) हैं उन सभी का अलग से जोन बना दिया जाए और होल्डअप पुलिसबल की संख्या बढ़ाते हुए घुड़सवार पुलिस भी लगाई जाए। इसके अलावा अगले शाही स्नान के जुलूसों का मार्ग अलग होगा इसलिए नए मार्गों के सम्बंध में जुलूस ड्यूटी में लगे सभी अधिकारियों को अच्छे से जानकारी करा दिया जाए। आवारा पशुओं को हर हाल में मेला क्षेत्र से हटवा लिया जाए, वरना किसी हादसे का कारण बन सकते हैं। आगामी शाही स्नान की 08 अप्रैल को मुख्य ब्रीफिंग होंगी और 09 अप्रैल से ड्यूटी खड़ी हो जायेंगी। देहरादून जाने वाले लोगों को वाया छुटमलपुर वाला रास्ता बताया जाए। डिब्रीफिंग के दौरान ही आईजी अभिसूचना ए0 पी0 अंशुमान द्वारा मेले के दौरान मिलने वाले सभी सुरक्षा चेतावनियों को गम्भीरता से लेने पर जोर दिया। इसके बाद आईजी कानून व्यवस्था डॉ वी0 मुरुगेशन के द्वारा कहा गया कि हमें अपनी ड्यूटी के दौरान बेशक सुरक्षा व्यवस्था को बेहद पुख्ता बनाना है लेकिन साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा और मानवीय पहलुओं को भी नही भूलना है। गढ़वाल रेंज पुलिस उपमहानिरीक्षक श्रीमती नीरू गर्ग द्वारा निर्देशित किया गया कि बह ड्यूटी पॉइंट पर जाकर बार-बार ब्रीफिंग करें, ताकि फील्ड में लगे पुलिस बल को अपनी ड्यूटी के बारे में कोई भी कन्फ्यूजन रहे।  अंत मे आईजी कुम्भ संजय गुंज्याल इस बार भेजे जाने वाले पुलिस बल में उन पुलिसकर्मियों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में भेजा जाए, जिनके द्वारा कुम्भ मेला का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया जा चुका है या जो पूर्व में कुम्भ मेला ड्यूटी कर चुके हैं।