शाही स्नान को लेकर मेला प्रशासन तथा जिला प्रशासन ने कमर कस ली है तथा अखाड़ो की व्यवस्थाओं का जायजा लेना शुरू कर दिया

हरिद्वार। सन्यासी अखाड़ो की पेशावाई के साथ ही कुम्भ 2021 का शंखनाद हो गया है। अभी तक सात सन्यासी अखाड़ो में से पांच सन्यासी अखाड़ो जूना आवाहन,अग्नि,निरंजनी तथा आनंद अखाड़े की पेशवाई हो चुकी है और इसके नागा सन्यासी व रमता पंचो ने छावनी प्रवेश कर देवता स्थापित कर दिए है। अगामी 8मार्च को महानिर्वाणी अखाड़ा तथा अटल अखाड़े की पेशवाई प्रवेश के साथ 11मार्च को शिवरात्रि पर्व पर होने वाले प्रथम शाही स्नान के साथ ही कुम्भ पर्व विधिवत प्रारम्भ हो जाएगा।ं प्रथम शाही स्नान में केवल सात सन्यासी अखाड़े ही स्नान करते है। जिसमें सबसे पहले जूना अखाड़े के साथ आवाहन अखाड़ा तथा अग्नि अखाड़ा नहाऐगा। इसके बाद क्रमानुसार निंरजनी अखाड़ा व आनंद अखाड़ा तथा तीसरे क्रम में महानिर्वाणी अखाड़ा तथा अटल अखाड़ा नहाएगा।     11मार्च को होने वाले शाही स्नान को लेकर मेला प्रशासन तथा जिला प्रशासन ने कमर कस ली है तथा अखाड़ो की व्यवस्थाओं का जायजा लेना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को मेलाधिकारी दीपक रावत तथा अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह दल बल के साथ जूना अखाड़ा पहुचे। जहां अन्र्तराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरि,सचिव श्रीमहंत मोहन भारती,श्रीमहंत महेश पुरी व अन्य पदाधिकारियों के साथ जूना अखाड़े की चारो मढियों की छावनी का निरीक्षण कर समतलीकरण सफाई,शौचालय तथा बिजली व्यवस्था समय से सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए। मेलाधिकारी ने आवाहन अखाड़े की छावनी का भी निरीक्षण किया। अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत सत्यगिरि तथा अन्य पदाधिकारियों से वार्ता कर सभी मूलभूत सुविधाएं तुरन्त उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया। यहा से अग्नि अखाड़े की छावनी पहुचे और राष्ट्रीय सभापित ब्रहमचारी मुक्तानंद बापू से भेंट कर व्यवस्थाओं के बारे में विचार-विमर्श किया। मेलाधिकारी दीपक रावत ने बताया मेला प्रशासन 11मार्च के शाही स्नान को लेकर पूरी तरह से तैयार है। शाही स्नान से पूर्व सभी अखाड़ो मे समस्त मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित कर ली जाएंगी। उन्होने कहा उदासीन,निर्मल तथा बैरागी अखाड़ो की पेशवाई तथा छावनी प्रवेश अप्रैल में होंगे। इससे पूर्व ही इनकी छावनियों को भी पूर्ण रूप से व्यवस्थित कर लिया जायेगा। इन अखाड़ो के पेशवाई मार्ग भी चिहिन्त कर लिए गए है,जिनको समय रहते चुस्त-दुरूस्त कर लिया जायेगा।ं