संतों ने किया आपदा में मारे गए लोगों की आत्मशांति के लिए हवन यज्ञ

 हरिद्वार। उत्तराखंड के चमोली जिले में आई आपदा में मारे गए लोगों के आत्म शांति एवं लापता लोगों के सकुशल कामना के लिए बैरागी कैंप स्थित शंकराचार्य आश्रम में संत महापुरुषों ने हवन यज्ञ किया। इस दौरान निरंजनी अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी सोमेश्वरानंद गिरी महाराज ने कहा कि देवभूमि में आई प्राकृतिक आपदा से बड़े स्तर पर जो नुकसान हुआ है। उससे संत समाज सहित पूरा देश गमगीन है। दुख की इस घड़ी में पूरा संत समाज पीड़ित परिवारों के साथ है। भगवान मारे गए लोगों की आत्मा को शांति प्रदान कर उनके परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। साथ ही जो लोग इस आपदा में लापता हैं। भगवान बद्रीनाथ एवं पतित पावनी मां गंगा उनकी रक्षा करें। संत समाज कामना करता है कि वह सभी लोग सुरक्षित हों। महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में आई आपदा से प्रत्येक देशवासी आहत है। इस दुख की घड़ी में सभी को बढ़-चढ़कर सहयोग प्रदान कर पीड़ित परिवारों की मदद को आगे आना चाहिए। राज्य सरकार को पीड़ित परिवारों के लिए हर संभव मदद करनी चाहिए। किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना किसी व्यक्ति को नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गंगा में नए बांध बनाना उचित नहीं है। सरकार को पतित पावनी मां गंगा का वेग रोककर उस पर पावर प्लांट लगाना बंद करना चाहिए। अन्यथा समय-समय पर इस तरह की दुर्घटनाएं होती रहेंगी और भविष्य में भी भारी जानमाल का नुकसान होगा। चमोली जिले में आयी प्राकृतिक आपदा प्रकृति से छेड़छाड़ का ही नतीजा है। इसलिए विकास के नाम पर प्रकृति से छेड़छाड़ बंद होनी चाहिए। प्रकृति को अपना रास्ता खुद तय करने देना चाहिए। जब-जब मानव ने प्रकृति से छेड़छाड़ की तो गंभीर नतीजे ही सामने आए हैं। इसलिए विकास के लिए दूसरे रास्ते तलाश किए जाने चाहिए।