स्वामी विवेकानन्द जयन्ती पर मानव अधिकार संरक्षण समिति द्वारा गोष्ठी का आयोजन

 हरिद्वार। मानव अधिकार संरक्षण समिति द्वारा शारदानगर कार्यालय में स्वामी विवेकानन्द पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी मे मानव अधिकार संरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन आर्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद को याद करने के वैसे तो कई कारण हैं लेकिन उनमें से एक कारण है, 11 सितंबर 1983 का विश्व धर्म सम्मेलन, जिसका आयोजन अमेरिका के शिकागो में किया गया था। इस भाषण को कई साल बीत चुके हैं लेकिन आज भी इस धर्म सम्मेलन और इसमें दिए गए स्वामी विवेकानंद के भाषण को याद किया जाता है। स्वामी विवेकानंद कहते थे कि वेदांत ही सिखाता है कि कैसे धार्मिक विचारों की विविधता को स्वीकार करना चाहिए। सभी को एक ही विचारधारा के अन्तर्गत लाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। देश को विश्व में सम्मानपूर्वक स्थान दिलाने वाले महापुरूषों में स्वामी विवेकानन्द को नमन करते हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इं0 सुरेश चन्द्र गुप्ता ने कहा स्वामी विवेकानंद का जीवन और विचार दोनों ही प्रेरणा के स्त्रोत हैं। स्वामीजी के विचारों को आत्मसात करके सुखी और सफल जीवन व्यतीत किया जा सकता है। डॉ मनीशा दीक्षित ने कहा दुनिया 12 जनवरी को महान भिक्षु स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाती है जिन्होंने समाज की भलाई के लिए काम किया। 12 जनवरी, 1863 को कोलकाता में जन्मे स्वामी ने भारत में हिंदू धर्म के पुनरुद्धार में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  जिला उपाध्यक्ष जितेंद्रिय कुमार शर्मा ने कहा स्वामीजी का हिंदू धर्म और आध्यात्म से विशेष लगाव था। स्वामीजी के द्वारा अमेरिका के शिकागों शहर में विश्व धर्म सम्मेलन में ऐतिहासिक भाषण दिया था। स्वामी विवेकानंद विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनके विचारों का युवाओं और आम जन पर खासा प्रभाव है। विमल गर्ग ने संचालन करते हुये कहा कि हमारे देश में कई ऐसे महापुरुष हुए हैं, जिनके अनमोल विचारों से इंसान जीवन में बहुत कुछ सीख सकता है। इन महापुरुषों के विचार ऐसे हैं कि निराशा में भी आशा भरते हैं। इन्हीं महापुरुषों में से एक स्वामी विवेकानंद भी एक हैं। राष्ट्रीय महामंत्री लायन एस आर गुप्ता ने कहा कि अगर सफल होना चाहते हो, तो पहले अहं का नाश करो.‘ स्वामी विवेकानंद के विचारों ने युवाओं को काफी प्रेरित किया है। अध्यक्षीय भाषण मे राजीव राय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के महान आदर्शों और युवा सशक्तिकरण के लिए उनकी दृष्टि से प्रेरित, राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव भारत के युवाओं को अपने कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह युवाओं में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत‘ की भावना को भी उभारता है। इस गोष्ठी में आर्य प्रवीना वेदिक, प्रभात आर्य, अन्नपूर्णा बधुनी, नानक चन्द्र अग्रवाल, ललित शर्मा, एडवोकेट गोपाल शर्मा, अंकुर गोयल, रत्नेश गौतम, विमलेश सिंह, वीरेंद्र विश्नोई, कमला अग्रवाल, सरिता जैन, नूपुर पाल, रेखा नेगी, नीलम रावत, नरेंद्र बंसल, सरोज बंसल, दिनेश चन्द्र शर्मा, आर के गर्ग, डॉ पंकज कौशिक, हेमंत सिंह नेगी इत्यादी उपस्थित रहे।