कुम्भ मेले में कोई धार्मिक आयोजन नही तो मेले का कोई अभिप्राय नही-स्वामी ऋषिश्वरानंद

 हरिद्वार। चेतन ज्योति आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी ऋषिश्वरानंद महाराज ने कहा है कि कुंभ मेले में यदि कोई धार्मिक आयोजन नहीं हो सकता तो इस मेले के आयोजन का कोई अभिप्राय नहीं है। वैसे भी कुंभ मेले को 2022 में आयोजित किया जा सकता है। देश के प्रधानमंत्री कोरोना की वैक्सीन अन्य देशों को भेज रहे हैं। सरकार यदि कुंभ का आयोजन ठीक से नहीं करा पा रही है तो अखाड़ा परिषद के सभी पदाधिकारियों से उनका अनुरोध है कि कुंभ मेले का पूर्ण रूप से बहिष्कार कर दें। कुंभ का आधार आस्था और धर्म है। जब यह धर्म को ही नहीं संभाल पा रहे हैं तो भारत साधु समाज, षड़दर्शन साधु समाज, श्रीगंगा सभा एवं अन्य धार्मिक संस्थाओं से विचार-विमर्श के बाद संत समाज कुंभ मेले का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेगा। सरकार अपने चुनाव को लेकर अपनी नीतियों को लेकर प्रतिबद्ध है। लेकिन संतो के साथ कुठाराघात किया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार हर मोर्चे पर विफल हो रही है। कुंभ को लेकर मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में जो बयान दिया है वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उसकी पूर्णता निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और शासन में आपसी समन्वय नहीं है। मुख्यमंत्री कुंभ को लेकर बयान देकर जो वातावरण बना रहे हैं। वह पूरे सनातन प्रेमियों पर कुठाराघात है। जिससे लोग भ्रमित हो रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि हरिद्वार कुंभ अद्वितीय होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी धार्मिक आयोजन बहुत सुंदर रूप से आयोजित करा रहे हैं। उत्तर प्रदेश का माघ मेला अत्यंत भव्य रुप से आयोजित हो रहा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीख लेनी चाहिए और यदि उन्हें ज्ञान नहीं है तो उत्तर प्रदेश सरकार से मार्गदर्शन लेना चाहिए।