संतों का जीवन होता है परमार्थ को समर्पित-स्वामी प्रेमानन्द

 हरिद्वार। श्रीकृष्ण हरिधाम ट्रस्ट के तत्वावधान एवं श्रीकृष्ण हरिधाम आश्रम के परमाध्यक्ष महंत प्रेमानन्द शास्त्री महाराज के संयोजन में गुरुजन स्मृति समारोह आयोजित किया गया जिसमें निराकारी सम्प्रदाय के संतजनों को श्रद्धासुमन अर्पित किये गये।

इस अवसर पर म.मं. स्वामी अनन्तानन्द महाराज ने कहा कि निराकारी सम्प्रदाय में स्वामी कृष्णानन्द, स्वामी हरिदास, स्वामी जगन्नाथ दास जैसे तपस्वी संत हुए हैं जिन्होंने समाज को नई दिशा प्रदान की। इसी परम्परा में जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य जी महाराज हुए जिन्होंने अपने गुरूजनों की परम्परा को नये आयाम देते हुए संत समाज के सर्वोच्च पद जगद्गुरू रामानन्दाचार्य को सुशोभित किया। अपने गुरूजनों को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए श्रीकृष्ण हरिधाम आश्रम के परमाध्यक्ष महंत स्वामी प्र्रेमानन्द शास्त्री महाराज ने कहा कि संतांे का जीवन परमार्थ को समर्पित होता है। संत अपना सर्वस्व राष्ट्र व संस्कृति की रक्षा को समर्पित करते हैं। उन्हांेने कहा कि पूज्य गुरूदेव द्वारा स्थापित श्री जगन्नाथ धाम, श्रीकृष्ण हरिधाम आश्रम और देश के विभिन्न शहरों में स्थापित धार्मिक स्थल गुरूजनों की तप स्थली रहे हैं जहां से समाज को ईश्वर की उपासना, संस्कृत व संस्कृति की रक्षा एवं मानव सेवा का संदेश दिया गया है। इस अवसर पर जगन्नाथ धाम के महंत अरूण दास, महंत दुर्गादास, स्वामी सतपाल ब्रह्मचारी, स्वामी ऋषिश्वरानन्द, महंत सूरजदास, महंत रविदेव शास्त्री, महंत दिनेश दास, स्वामी हरिहरानन्द, स्वामी नित्यानन्द, महंत राजकुमार दास, स्वामी दीप्तानन्द सहित संतजनों एवं भाजपा पार्षद दल के उपनेता अनिरूद्ध भाटी, पार्षद महावीर वशिष्ठ, विनित जौली, बृजभूषण विद्यार्थी, मनोज महंत, संजय वर्मा, अर्पित मिश्रा, दिव्यम यादव आदि ने श्रीकृष्ण हरिधाम में आयोजित गुरुजन स्मृति समारोह में शामिल होकर श्रद्वांजलि दी