15 फरवरी के बाद कोविड की स्थिति के अनुरूप ही अखाड़े कुंभ मेले के स्वरूप पर निर्णय लेंगे--श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि

हरिद्वार। मेलाधिकारी दीपक रावत, के साथ अपर मेला अधिकारी हरबीर सिंह व ललित नारायण मिश्रा व अन्य अधिकारियों ने मायापुर स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी पहुंचकर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज से कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की। चर्चा के दौरान श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि कुंभ मेला अपने परंपरागत स्वरूप में जिस प्रकार 2010 में संपन्न हुआ था। उसी तर्ज पर संपन्न होगा। सभी अखाड़ों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। बैरागी अणि अखाड़ों को बैरागी कैंप में भूमि का आवंटन किया जाए। जिससे वे बैरागी कैंप से अपनी मेला गतिवधियां शुरू कर सकें। बाहर से आने वाले महामण्डलेश्वरों को जमीन आवंटन किया जाए। 15 फरवरी के बाद कोविड की स्थिति के अनुरूप ही अखाड़े कुंभ मेले के स्वरूप पर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि बैरागी कैंप में उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड दोनों ही सरकारों की भूमि है। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड सरकारों से समन्वय कर बैरागी कैंप में तीनों वैष्णव अणियों के स्थाई निर्माण के लिए हल निकाला जाएगा। वैष्णव अखाड़ें पूरी तरह निश्चिंत रहें। कुंभ मेले के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। पूर्व की भांति सभी सुविधाएं बैरागी कैंप में उपलब्ध करायी जाएंगी। उन्होंने कहा कि शैव व वैष्णव संतों में कोई भेद नहीं है। दोनों संप्रदायों की पूजा पद्धति भी एक ही है। संतों के बीच में दरार डालने वालों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने मेला प्रशासन से मेला कार्य तेजी से पूरे कराने की मांग भी की। मेला रावत दीपक रावत ने कहा कि अधिकांश स्थाई कार्य मध्य दिसंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे। अस्थाई कार्य भी तेजी से पूरे कराए जाएंगे। मेला शुरू होने से पूर्व सभी कार्य पूरे हो जाएंगे। मेला प्रशासन का लक्ष्य कुंभ में संतों व श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाए उपलब्ध कराना है।पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कुंभ मेला कार्यो को लेकर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि हरीश रावत की चिंता जायज है। कुंभ मेले से जुड़े कार्यो का स्वरूप अभी नजर नहीं आ रहा है। कोरोना के चलते कार्यो में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि 15 दिसंबर तक सभी कार्य पूरे किए जाएं। विश्वास है कि मेला प्रशासन समय से सभी कार्य पूरे कर लेगा। उन्होंने कहा कि हरीश रावत एक कुशल राजनीतिज्ञ हैं और वे संतों का सम्मान करते हैं। संत भी उनका सम्मान करते हैं। कुंभ मेले को लेकर उन्हें भी संतों का सहयोग करना चाहिए। इस दौरान उपमेला अधिकारी रामजी शरण शर्मा, दयानन्द सरस्वती, तहसीलदार मंजीत सिंह, श्रीमहंत रामरतन गिरी, महंत दिनेश गिरी, महंत केशवपुरी, महंत डोंगर गिरी, महंत शंकरानन्द, दिगंबर महंत अंबिका पुरी, दिगंबर बलबीर पुरी, दिगंबर आशुतोष पुरी, स्वामी रघुवन, स्वामी मधुरवन, महंत मनीष भारती आदि मौजूद रहे।