स्कैप चैनल वाले शासनादेश को रदद् करने की मांग को लेकर धरना जारी

हरिद्वार। तीर्थ पुरोहितों द्वारा गंगा को स्कैप चैनल बताने वाले शासनादेश को वापस लेने की मांग को लेकर चल रहा धरना अठारहवें दिन भी जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए  भागवत कथा वाचक संदीप आत्रेय शास्त्री ने कहा कि गंगा सारे जगत की रक्षा करती हैं, पालन करती हैं। परन्तु शायद गंगा आज हमारी परीक्षा ले रही हैं। जिस प्रकार मां गंगा के सम्मान के लिए तीर्थ पुरोहित आंदोलन कर रहे हैं वो सराहनीय है। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि सर्व समाज को मां गंगा के लिए अपनी सहभागिता देनी चाहिए। सौरभ सिखौला ने कहा कि 1914 से 1916 तक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के नेतृत्व में हुए तीर्थ पुरोहितों के आंदोलन में जब देश भर के लोग जुड़े तो अंग्रेजों को भी मां गंगा का सम्मान करना पड़ा था। आज 104 वर्ष बाद पुरोहित समाज एक बार फिर महामना के पदचिन्हों पर चल पड़े हैं। सरकार को मां गंगा के सम्मान के लिए जल्द से जल्द अध्यादेश को रद्द करना चाहिए। सचिन कौशिक व उमाशंकर वशिष्ठ ने कहा कि हरकी पैड़ी पर बह रही गंगा जल की धारा को स्केप चैनल घोषित किए जाने से पुरोहित समाज आहत है। श्रद्धालुओं में भी गंगा की स्थिति को लेकर भ्रम उत्पन्न हो रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द अध्यादेश को रद्द कर मां गंगा की गरिमा को बहाल करना चाहिए। धरना देने वालों में सौरभ सिखौला, अनिल कौशिक, उमाशंकर वशिष्ठ, पं.संदीप आत्रेय शास्त्री, पं देवेन्द्र आत्रेय, पं.प्रत्युष आत्रेय, सचिन कौशिक, पं.अन्तरिक्ष वत्स, अमित झा, अनमोल वशिष्ठ, सत्यम अधिकारी, निखिल शर्मा, मोहित गोस्वामी चुन्नु, मोहित पालीवाल, योगेश वशिष्ठ, त्रिभुवन पटुवर, विमल पटुवर, फकीर चन्द, सिद्धार्थ त्रिपाठी, शिवम् जयवाल, शिवांश शर्मा, करन पंडित, राजू झा, हिमांशु वशिष्ठ, अभिषेक वशिष्ठ, योगेश चाकलान, विनीत दलाल, गौरीशंकर हरितोष, प्रवीण शर्मा आदि तीर्थ पुरोहित प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।