मां गंगा और बेटी दोनों अनमोल, दोनों का संरक्षण किया जाना नितान्त आवश्यक

हरिद्वार। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय संयोजिका आरूषी निशंक के नेतृत्व में चल रही मां गंगा की सेवा में स्पर्श गंगा परिवार लगातार गंगा स्वच्छता व अविरलता को लेकर अपने कार्यों को अंजाम दे रहा है। इसी क्रम में मां गंगा और बेटीयां विषय को लेकर जगजीतपुर स्थित कार्यालय पर स्पर्श गंगा कार्यालय पर गोष्ठी आयोजित की गयी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की ब्राण्ड अम्बेसडर मनु शिवपुरी ने गोष्ठी का शुभारम्भ करते हुए कहा कि मां गंगा और बेटी दोनों ही अनमोल हैं। दोनों का संरक्षण किया जाना नितान्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मां गंगा की स्वच्छता को लेकर स्पर्श गंगा परिवार लगातार अपने कार्यों को अंजाम दे रहा है। बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता से कार्य करने होंगे। क्षेत्र व मोहल्लों में बेटियों के प्रति आम नागरिक को जागरूक करना होगा। बेटों व बेटियों में किसी भी प्रकार की असामानता ना हो। बेटियों की शिक्षा को लेकर सभी को मिल जुलकर प्रयास करने होंगे। मनु शिवपुरी ने कहा कि बेटियां परिवारों को आगे बढ़ाने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या समाज के लिए अभिशाप है। इस संबंध में महिलाओं को भी जागरूक करें। समाज सेवी  विशाल गर्ग ने कहा कि मां गंगा और बेटी दोनों ही अनमोल धरोहर हैं। मां गंगा की रक्षा के लिए सभी को तत्परता दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा को लेकर समाज को जागरूक होकर बेटियों को शिक्षित करना चाहिए। बेटियां शिक्षित होंगी तो राष्ट्र उन्नति की ओर अग्रसर होगा। बेटियां देवी का स्वरूप होती हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों के प्रति बढ़ रहे अपराधों को रोकने के लिए प्रत्येक नागरिक को जागरूक होकर अपना दायित्व निभाना होगा। बेटियों की सुरक्षा समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। सी.ओ.पूर्णिमा गर्ग ने कहा कि बेटियां समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। बेटों-बेटियों में किसी भी प्रकार की असमानता नहीं होनी चाहिए। दोनों को ही समान अधिकार मिलने चाहियें। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज प्रत्येक क्षेत्र में अपनी सेवायें प्रदान कर रही हैं। निष्ठा पूर्वक बेटियां अपने कार्यों को अंजाम देती चली आ रही हैं। इस अवसर पर आशू चैधरी, मनप्रीत, रीता चमोली, रीमा गुप्ता, रेनू, रजनी, मन्नू रावत, रजनी, प्रखर कश्यप, अंश मलहोत्रा, सुनैना शर्मा आदि ने भी विचार रखे।